सुप्रीम कोर्ट इस कानूनी सवाल पर विचार करेगा कि क्या लगातार गिरफ्तारियों के जरिए हिरासत में रखे गए आरोपी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका सुनवाई योग्य है। एक गैंगस्टर की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है, जिसमें याचिकाकर्ता ने अगस्त 2021 से हिरासत में होने का दावा किया है।