बुलंद सोच, भोपाल।
दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मध्य प्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। प्रदेशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच, विधानसभा में मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर कांग्रेस विधायक देर रात तक धरने पर बैठे रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी उनके साथ धरने में शामिल होने पहुंचे। इससे पहले, पटवारी राजभवन (लोकभवन) के सामने धरने पर बैठे थे, जहां पुलिस ने उन्हें और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वहां से हटाकर वाहन में बैठा लिया था। कुछ देर बाद वे सीधे विधानसभा पहुंचे और धरना दे रहे विधायकों का समर्थन किया।
विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। कुछ विधायक विरोध जताने के लिए फर्श पर भी लेट गए। इससे पहले, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने धरना खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन विधायक नहीं माने। बाद में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी बातचीत के लिए पहुंचे। इस दौरान उनकी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से तीखी बहस हुई और कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की।
विधानसभा पहुंचे पटवारी ने कहा कि उन्हें अपने विधायकों और नेता प्रतिपक्ष के फैसले पर गर्व है। उन्होंने मांग की कि छात्रों को ‘देशद्रोही’ और ‘राजद्रोही’ कहने वाले मंत्री को माफी मांगनी होगी। पटवारी ने कहा कि जब तक माफी नहीं मांगी जाती, कांग्रेस विधायक धरने से नहीं उठेंगे और पार्टी उनके इस फैसले के साथ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक करने वाले और उन्हें संरक्षण देने वाले ही असली देशद्रोही हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस विधायकों ने रात 11:30 बजे धरना खत्म किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि अब बुधवार को विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को घेरा जाएगा और उनसे माफी की मांग की जाएगी।
प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन
दिल्ली में छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन किया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसी के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया।
भोपाल के अलावा, इंदौर, जबलपुर, कटनी, खंडवा, हरदा, शाजापुर, टीकमगढ़, रतलाम, डबरा और खरगोन सहित कई जिलों में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन, रैली और नारेबाजी की। कुछ जगह चक्काजाम और पुलिस से धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। देर रात तक अधिकांश जिलों में प्रदर्शन समाप्त हो गए।
देवास के खातेगांव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस थाने के सामने प्रदर्शन किया, जबकि कन्नौद और सतवास में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड के पास नारेबाजी की। मंगलवार शाम ग्वालियर में युवा कांग्रेस ने आकाशवाणी चौराहे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मैहर में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया और गिरफ्तारी दी। अमरपाटन में प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर चप्पलें मारी गईं।
इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर छात्र राहुल गांधी की गिरफ्तारी और छात्र आंदोलन के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कटनी में कांग्रेस, युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता देर शाम कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने एकत्रित हुए और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
रतलाम में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में चल रहा कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन करीब डेढ़ घंटे तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बाद समाप्त हो गया। बाद में रतलाम शहर कांग्रेस कमेटी ने स्टेशन रोड थाने के बाहर धरना शुरू किया, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई; एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया, दोनों तरफ से रोड बंदकर ट्रैफिक डाइवर्ट किया गया और फायर ब्रिगेड भी मौके पर तैनात की गई।
डबरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अग्रसेन चौराहे पर धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। खरगोन में जिला अध्यक्ष रवि नायक के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने रैली निकाली और दिल्ली पुलिस तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की।
जबलपुर के मालवीय चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हटाने आई पुलिस को उनके विरोध का सामना करना पड़ा और कांग्रेस नेताओं तथा पुलिसकर्मियों के बीच धक्कामुक्की हो गई। जबलपुर में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने दिल्ली में जारी छात्र आंदोलन के समर्थन में सांकेतिक अर्थी जुलूस निकाला, जिसे पुलिस ने महाकौशल महाविद्यालय के पास रोक दिया और वाटर कैनन का प्रयोग किया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया।
शाजापुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहरी हाईवे स्थित ट्रैफिक पॉइंट के आगे चक्काजाम कर दिया, सड़क पर बैठकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कुछ कार्यकर्ताओं ने सड़क पर दंडवत होकर विरोध जताया। सूचना मिलते ही एसडीएम, तहसीलदार सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में बस स्टैंड स्थित कांग्रेस कार्यालय के सामने भी प्रदर्शन हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई; इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
टीकमगढ़ के गांधी चौराहे पर भी कांग्रेस नेता धरने पर बैठ गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं। टीकमगढ़ के जतारा से आई छात्रा कीर्ति अहिरवार कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल होने भोपाल पहुंचीं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवा छात्र टूट जाते हैं, और उनके जैसे अनुसूचित जाति वर्ग की लड़की के लिए भोपाल तक आना बड़ी बात है, पर वह अपने परिवार को कुछ नहीं दे पाई।
खंडवा में कांग्रेस ने रात 9 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में धरना शुरू किया, जिसमें कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपाल सिंह पुरनी सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। हरदा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घंटाघर चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और फिर कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए, जहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की गई।
रतलाम जिले के सैलाना में जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और तहसील कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए, जहां केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। भोपाल में लोकभवन (गवर्नर हाउस) के बाहर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। पटवारी पहले ही कह चुके थे कि राहुल गांधी की रिहाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।
