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2026-07-15

ऐशबाग दंपती हत्याकांड: हत्यारों का सुराग चूनाभट्टी तक पहुंचा, संपत्ति विवाद और सुपारी किलिंग पर जांच केंद्रित

bulandsochnews Senior News Reporter

राजधानी के ऐशबाग इलाके में बुजुर्ग दंपती हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक की गोली मारकर हुई हत्या के मामले में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चूनाभट्टी क्षेत्र की ओर भागे थे।

सूत्रों के अनुसार, मृत दंपती के दोनों मोबाइल फोन चूनाभट्टी इलाके से बरामद हुए हैं। यह फोन एक राहगीर को मिले, जिसने उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। इसी सुराग से पुलिस को यह संकेत मिला कि आरोपी वारदात के तुरंत बाद चूनाभट्टी की ओर गए थे। आशंका है कि पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने मोबाइल का पूरा डिजिटल डेटा डिलीट कर दिया था। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर मोबाइल मिलने की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी होने की बात कही है।

पुलिस की जांच फिलहाल प्रॉपर्टी विवाद और सुपारी देकर हत्या कराए जाने की आशंका के इर्द-गिर्द केंद्रित है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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जांच के दौरान पुलिस को एक शराब की दुकान से सीसीटीवी फुटेज मिली है, जिसमें एक संदिग्ध युवक शराब खरीदते हुए दिखा। उसने भुगतान ऑनलाइन किया था, जिसके डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। फुटेज में दो संदिग्ध युवक रेनकोट पहने और हाथों में दस्ताने लगाए भी दिखाई दिए हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि हत्या की साजिश पहले से योजनाबद्ध थी।

जांच का दायरा परिजनों तक भी पहुंच गया है। पुलिस ने मृतका शकुंतला बारीक के भाई विनोद बारीक, उनके समधी मोरिस सोलोमन और मोरिस के बेटे को हिरासत में लेकर करीब 12 घंटे तक पूछताछ की। तीनों के मोबाइल जब्त कर उनके कॉल रिकॉर्ड की जांच की गई। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन पुलिस ने अभी किसी को क्लीन चिट नहीं दी है।

जांच में यह भी पता चला है कि दंपती के मकान में रहने वाला एक किराएदार वारदात से चार दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया था। उसका सामान अब भी कमरे में रखा हुआ है, और पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल के नेतृत्व में 12 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। टीम में दो एसीपी, क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाना पुलिस के अधिकारियों को शामिल किया गया है। एसआईटी सभी साक्ष्यों और बयानों का मिलान कर रही है। पुलिस का दावा है कि जांच निर्णायक चरण में है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।